2 thoughts on “छोड़ दो सारे भेद ~ Poem on Unity in Hindi”

  1. ये जाति और धर्म कुछ लोगों का पीछा कभी नहीं छोड़ते. सुनिये 'छोड़ दो सारे भेद' मेरी आवाज़ में :
    https://youtu.be/bhb3POKFcM0

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